लंदन: महिला हॉकी विश्व कप टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच भारत और मेजाबन इंग्लैंड के बीच खेला गया जो कि 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ है. 60 मिनट के इस मुकाबले में ओलंपिक चैंपियन इंग्लैंड को भारतीय महिला हॉकी टीम कड़ी टक्कर देते हुए मुकाबले को बराबरी पर खत्म कराने में सफल रही है. यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा क्योंकि मेजबान इंग्लैंड को कुल 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले थे लेकिन भारत की ओर से शानदार डिफेंस ने गोल होने से रोक दिया.

बता दें कि विश्वा हॉकी रैंकिंग में 10वें नंबर पर काबिज भारतीय महिला हॉकी टीम 8 साल बाद इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई की किया है. टीम का पहला ही मुकाबला दुनिया की दूसरे नंबर की टीम इंग्लैंड के हुआ. इस मैच में सबसे खास बात ये रही कि भारतीय टीम किसी तरह से इंग्लैंड से कमजोर नहीं दिखी. हर क्षेत्र में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर खत्म करने में सफल रही है. क्योंकि इंग्लैंड जैसी टीम के खिलाफ ड्रॉ खेलना भी भारत के लिए आसान नहीं लग रहा था.

मुकाबले पर नजर डाले तो मैच के पहले ही मिनट में मेजबान इंग्लैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला. लेकिन टीम इंडिया के डिफेंडर्स ने गोल होने का मौका नहीं दिया. मैच के शुरू के क्षणों गेंद अधिकतर समय तक भारत के पाले में रही. इसके बाद मैच के 25वें मिनट में भारत की नेहा गोयल ने गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाने में सफल रहीं. हालांकि भारत के इस गोल के बाद इंग्लैंड ने रिव्यू लिया लेकिन अंपायर ने फैसला भारत के पक्ष में दिया और मेजबान का एक रिव्यू भी बेकार चला गया.

इसके बाद तीसरे क्वार्टर इंग्लैंड की टीम भारत पर हावी नजर आई. एक बार एलेक्स डेसन गोल पोस्ट के करीब पहुंच गए थे लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता ने विरोधी टीम की कोशिश को नाकाम कर दिया. चौथे क्वार्टर में दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने आई. लेकिन यह क्वार्टर भारत के लिए कुछ खास साबित नहीं हुआ क्योंकि मेजबान इंग्लैंड ने मैच के 53वें मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर मिला और गोल कर दिया. इस बार भारतीय डिफेंडर्स गोल रोकने में नाकाम साबित हुए और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया. यही स्कोर आखिरी तक रहा गया और मैच ड्रॉ पर खत्म हो गया.

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