नई दिल्ली: उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ का सुप्रीम कोर्ट का जज बनने का रास्ता साफ हो गया है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकरा ने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को मंजूरी दे दी है. सूत्रों की माने तो मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंडिर्स बनर्जी और ओडिशा हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस विनीत शरण को भी प्रमोट किया जा सकता है. इसके लिए अगले हफ्ते राष्ट्रपति सचिवालय का आदेश जारी हो सकता है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम पर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट ने की चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने 10 जनवरी को ही यह फाइल मोदी सरकार के पास भेज दी थी. लेकिन तब से लेकर अभी तक ये मामला अटका पड़ा हुआ है. इस बीच सरकार ने कई बार कोलेजियम की सिफारिश को नामंजूर भी किया. मोदी सरकार ने 26 अप्रैल को जस्टिस केएम जोसेफ को पदोन्नति देने संबंधी सिफारिश की फाइल यह कहते हुए लौटा दी थी कि यह प्रस्ताव उच्चतम न्यायालय के मानदंडों के अनुरूप नहीं है.

इसके साथ-साथ सरकार ने जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता पर भी सवाल उठाए थे. लेकिन अब सूत्रों की माने तो सरकार ने जज केएम जोसेफ के अलावा और भी दो जजों की नियुक्ति पर हामी भर दी है. बता दें कि जस्टिस केएम जोसेफ उस पीठ के प्रमुख थे जिसने साल 2016 में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को खारिज कर पुरानी कांग्रेस की सरकार को ही कमान सौप दिया था. कॉलेजियम और जजो की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के कई मौजूदा और पूर्व जज इस मामले पर अपनी बात रख चुके हैं. यहां तक कि जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस कुरियन जोसफ और जस्टिस मदन बी लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को चिट्ठी भी लिखते हुए कोर्ट की गरिमा बचाने की बात कही थी.

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